[1]
“‘21वीं सदी की उर्दू तथा हिंदी ग़ज़लों में जन प्रतिरोध का स्वर’”, IJAMRSSH, vol. 1, no. 1, जुलाई 2026, अंतिम उपयोग: 29 जुलाई, 2026. [ऑनलाइन]. पर उपलब्ध: https://ijamrssh.org/index.php/ojs3/article/view/8